Thursday, 14 February 2019

इतनी नफरत क्यों

बारूद से जलते जिस्म के हिस्से पानी से भिगो रहा है!
सड़कों पर बिखरे खून के धब्बे आंसुओं से धो रहा है!
ये बादल यूँ हीं बेवजह नहीं बरस रहे, ज़रा गौर करना!
उन महान शहीदों के बलिदान पर वो खुदा भी रो रहा है।

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