बारूद से जलते जिस्म के हिस्से पानी से भिगो रहा है! सड़कों पर बिखरे खून के धब्बे आंसुओं से धो रहा है! ये बादल यूँ हीं बेवजह नहीं बरस रहे, ज़रा गौर करना! उन महान शहीदों के बलिदान पर वो खुदा भी रो रहा है।
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