गर है तुझे इश्क़ मुझसे तो इज़हार करदे!
वरना उठा ख़ंजर और सीने के पार करदे!
फरिश्ता बना बैठा हूँ, दिल में प्यार भर के!
कतरा कतरा बह निकले, दिल पे वार करदे।
वरना उठा ख़ंजर और सीने के पार करदे!
फरिश्ता बना बैठा हूँ, दिल में प्यार भर के!
कतरा कतरा बह निकले, दिल पे वार करदे।
यूँ भी तो दुनिया में बेवफाई का मौसम है!
तूं भी अपने बेवफा होने का इकरार कर दे!
कर डाल हज़ार टुकड़े मेरे मासूम दिल के!
तूं मेरा इस दुनिया में आना यादगार करदे।
तूं भी अपने बेवफा होने का इकरार कर दे!
कर डाल हज़ार टुकड़े मेरे मासूम दिल के!
तूं मेरा इस दुनिया में आना यादगार करदे।
वो ज़माने कुछ और थे जब मंसूर सूली चढ़ा!
तू सज़ा देने का तरीका नया इख़्तियार कर दे!
मेरा सबसे अपना हो कर नज़रंदाज़ कर मुझे!
मुझे आंसू बहाने की हद तक बेकरार करदे।
तू सज़ा देने का तरीका नया इख़्तियार कर दे!
मेरा सबसे अपना हो कर नज़रंदाज़ कर मुझे!
मुझे आंसू बहाने की हद तक बेकरार करदे।
गर है तुझे इश्क़ मुझसे तो इज़हार करदे!
वरना उठा ख़ंजर और सीने के पार करदे!
फरिश्ता बना बैठा हूँ, दिल में प्यार भर के!
कतरा कतरा बह निकले, दिल पे वार करदे।
-दीपक भारद्वाज
वरना उठा ख़ंजर और सीने के पार करदे!
फरिश्ता बना बैठा हूँ, दिल में प्यार भर के!
कतरा कतरा बह निकले, दिल पे वार करदे।
-दीपक भारद्वाज
No comments:
Post a Comment