इक तेरी आँखों का समंदर गहरा पसन्द है, दूसरा तेरे चेहरे पे जुल्फों का पहरा पसन्द है, जब भी मिलना मुझसे, तो नज़रें मिला के मिलना, तेरी आँखों के आईने में मुझे खुद का चेहरा पसन्द है।
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