Wednesday, 6 March 2019

गुज़ारिश

इक तेरी आँखों का समंदर गहरा पसन्द है,
दूसरा तेरे चेहरे पे जुल्फों का पहरा पसन्द है,
जब भी मिलना मुझसे, तो नज़रें मिला के मिलना,
तेरी आँखों के आईने में मुझे खुद का चेहरा पसन्द है।

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